अर्चन (माँ-अर्चन )

सभी को नवरात्रि की अनंत शुभकामनायें 💐💐💐

navratrispecial2020 #happynavratri

“संस्कृति की वाहिका है माँ,
मुक्ति की तो निकेतन है माँ |
जन्मदात्री भी है और शक्ति की प्रतिमूर्ति है माँ,
सुख, शान्ति, समृद्वि और ख़ुशहाली की प्रतीक है माँ |”

हिंदी ( चित्त की भाषा )

हर भाव का भाव से सम्मिलन जो कराती,

ऐसे हर भाव को बयाँ करने का हुनर रखती है |

शिशु के मुख से भी निःसृत प्रथम शब्द है हिंदी,

वो तो परिंदों को भी स्वर देने का फ़न रखती है |

सूख जाती है शब्दों में रस की बयार ज़ब,

ऐसी हवाओं को चलाने का तो वो दमखम रखती है |

विविध बोलियों को संजों लेती है अपने में,

ऐसी संस्कृति को सजाने का कौशल रखती है |

समझा ना पाते हैं हम अपने शब्दों से ज़ब,

अपने संकेतों से समझाने की कला रखती है |

कभी कबीर के दोहे, कभी तुलसीदास की चौपाई,

वो तो हर रूप को खुद में सँजोने की खूबी रखती है |

स्वर से वर्ण, वर्ण से शब्द, शब्द से पद, पद से वाक्य जो बना दे,

ऐसे ना जाने कितने तिलिस्म की वो कारीगरी रखती है |

हिंदी तो चित्त की भाषा है साथियों,

वो तो हर धड़कन को बयाँ करती है |

प्रभु-अर्चन

हे चराचर जगत के पालनहार प्रभु, मेरे मन को आस – विश्वास से जगमग कर दो प्रभु,

मन के विश्वास की ज्योति बन जाओ तुम, प्रभु की रोशनी की टेक से राहों के अंधेरों को पार मैं कर जाऊँगी |

मेरी नैय्या भँवर में है अटकी पड़ी,पार इसको आकर लगा दो प्रभु,

मेरी नैय्या के केवट बन जाओ तुम,अवलंब पाकर तुम्हारा मैं भव उतर जाऊँगी|

तेरी भक्ति में मैं रंगमय हो गयी, दरस हमको तो अपने दिखा दो प्रभु,

मेरे प्राण की रिक्ति पूर्ण कर दो प्रभु, तुम्हारे चरणों की सेवक मैं बन जाऊँगी |

गगन आज ये हुआ रागमय,प्यास अँखियन की आकर बुझा दो प्रभु,

शुष्क हृदय के भावों की तृप्ति बन जाओ तुम, अधरों की मुरलिया मैं बन जाऊँगी |

स्वर की लहरें मेरे व्याकुल मन को तरंगित करती हैं प्रभु,

राग जीवन के मेरे बन जाओ तुम,गीत की स्वर लहरी मैं बन जाऊँगी |

स्वरचित ✍️✍️✍️डॉ गरिमा त्यागी

स्वतंत्रता दिवस (15AUGUST )

आज स्वतंत्रता दिवस का दिन है या यूँ कँहे अनेक वीरों के लहू से मिली आजादी का दिन है जिन्होंने भारतवर्ष के लिये अपनी जान की कुर्बानी देकर हमें ये सौभाग्य प्रदान कराया जिनकी वजह से आज हम खुली आज़ादी की हवा में साँस ले रहे हैं|इसलिये जितना भी आभार व्यक्त करें उनके प्रति उतना ही कम है जिसका मूल्य हम कभी नहीं चुका सकते हैं|प्रत्येक देशवासी को उन्हें हृदय से बारम्बार नमन करना चाहिए|शत शत नमन उन वीर अमर शहीदों को 🙏🙏🙏🇮🇳🇮🇳🇮🇳#जयहिन्द##जयभारत#सभी को स्वतंत्रता दिवस की अनंत शुभकामनायें 🙏🙏🇮🇳🇮🇳🇮🇳

ज़िंदगी तेरे नाम लिख दी ए मेरे वतन,

हम खुद को भी तेरी खातिर कुर्बान कर जायेंगे|

मिटाकर भी अपनी हस्ती को करेंगे देश का सर ऊँचा,

अपने लहू का हर कतरा तेरे नाम कर जायेंगे|

फौलाद हैं हम वो जो टूटते नहीं यूँ ही,

ये ज़िगर भी अपने देश के नाम कर जायेंगे|

कान्हा सुमिरन

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव चहुँओर मनाया जा रहा है |सभी मन में अत्यंत आह्लादित हैं कँही झाँकी निकाली जाती है इस उपलक्ष में तो वंही दूसरी और मंदिरों को इस प्रकार सजाया जाता है कि मन देखकर हर्षित हो जाता है |ऐसा वातावरण होता है कि बस प्रभु की भक्ति में मन रम जाता है और कुछ ध्यान ही नहीं रहता है | सभी को जन्माष्टमी की अनंत शुभकामनायें…. सभी मिलकर ये उत्सव मनायें और कान्हा की जय बोले|बोलो अति मोहक सरल छवि भुवन कन्हैया की.. 🙏🙏🙏बाल गोपाल की जय.. 🙏🙏🙏

रक्षाबंधन पर्व पर विशेष कविता (रक्षा-सूत्र )

भाई – बहिन के मिलन का ये पवित्र पर्व है रक्षाबंधन|एक दूसरे से लड़ते झगड़ते रहकर एक दूसरे को से मना लेते हैं और वो मनाना भी कोई ऐसा नहीं कि झुककर एक दूसरे को मनाएंगे वरन जिद से लड़कर एक दूसरे को मनाते हैं यही होता है भाई बहिन का प्यार |उस प्यार की तुलना हम किसी से नहीं कर सकते क्योंकि उस प्यार में एक जिद होती है कि हम लड़ेंगे भी वही और रहेंगें भी साथ में ही |एक दूसरे के लिये सभी कुछ करने के लिये तैयार रहना भाई की हर छोटी बात का ध्यान रखना उसे क्या चाहिए यही प्यार होता है बहिन का उसे डांट पड़ने से बचाना सभी की जो विशेष ना होकर भी बहुत अनमोल होता है और वही बातें हमेशा याद आती हैं |भाई का बहिन की हर बात के लिये समर्थन करना यही प्यार है बस जो सबसे ज़ुदा है |रक्षाबंधन कविता में मैंने इन्ही भावनाओं को पिरोने की कोशिश की है|

कविता (रक्षा-सूत्र)

खुशियों की सौगात होती हैं राखियाँ,

भाई के वचनों का उपहार हैं ये राखियाँ |

दिल में उमंगों की आस भी हैं राखियाँ,

हर दिल की दूरियों की बिछुड़न को भुला देती हैं राखियाँ |

अंतर में उमड़े भावों का एहसास हैं राखियाँ,

मिलन के संगमन का पर्व होती हैं राखियाँ |

बंद लिफाफे में सिमटी बंधन की डोर हैं राखियाँ,

दिलों के फ़ासले को जो मिटा दें वो एहसास हैं राखियाँ|

यूँ तो धागा होता है एक रेशम की डोर,

कलाई में बँध जाये तो रक्षा-सूत्र बन जाती हैं राखियाँ|

अनजाने दिलों को भी ये पिरोती हैं रिश्ते में,

सीमा पर खडे हर जवान का कवच होती हैं राखियाँ |

हर बहिन के मन का सच्चा विश्वास होता है हर भाई,

रूँठे हुए दिलों को भी मनाती हैं ये राखियाँ |

दीपक, रोली, चावल, मोली शुभमंगल प्रतीक हैं संस्कृति के,

आने वाले पर्वों का शुभारम्भ होती हैं राखियाँ |

🙏🙏नमन 🇮🇳🇮🇳

🙏🙏शत शत नमन 🇮🇳🇮🇳

ज़ज्बा उनका कभी जाता नहीं खाली जिन्होंने सर्वस्व अपना न्योंछावर धरा के लिये है कर दिया|जिन्होंने अपना जीवन देश की सेवा और रक्षा के लिये समर्पित कर दिया और अपनी जान की बाजी लगाकर हर कर्त्तव्य समय समय पर पूर्ण करते हैं 🙏🙏

है शत शत नमन उन वीरों को मेरा,

नगराज सम विशाल जज़्बा  लिये,

वैश्विक फ़लक पर केतन जिन्होंने फहरा दिया,

कर्ज़ वसुधा का भी उन्होंने चुका ही दिया |

है शत शत नमन उन भावों को मेरा,

माँ ने बेटा दिया, पत्नि ने सिंदूर दिया, बच्चों ने भी

रिश्ता पिता का न्योंछावर किया,

हर रिश्ते का बलिदान कर धरणी के लिये,

विजय तिलक मस्तक पर भारत के जिन्होंने लगा ही दिया |

दिन तो हमेशा ही विशेष होता है लेकिन हम हमेशा अभियक्ति मे संकोच करते हैं ऐसा भी नही है कि किसी विशेष दिन ही किसी के लिये प्यार अभिव्यक्ति होती है वैसे सदैव प्यार या आदर नहीं रहता है लेकिन बस हम अपनी भावनाओं को हमेशा व्यक्त नहीं कर पाते हैं यही समस्या होती है अधिकांश व्यक्तियों के साथ|सोचा आज कुछ व्यक्त कर पाऊं वैसे तो हम कभी भी माता-पिता के प्यार को शब्दों मे नहीं बाँध सकते हैं लेकिन कभी कुछ भावनाओं को व्यक्त तो कर ही सकते हैं |पिता दिवस कि हार्दिक शुभकानायें……. ##happy father’s day papa ❤️❤️❤️🌹🌹🌹

             कविता (साया )                                                                                                                                  

हाथों की लकीरों में तलाशूँ मैं क्यों किस्मत अपनी

किस्मत बनकर वो हरक़दम साथ हैं मेरे रहे|

जीवन को ज़ब सीखा था समझना मैंने,

क़दम-दर-क़दम साथ हैं वो मेरे चलते रहे|

हिम्मत ज़ब टूटी पग-पग पर मेरी,

निराश मन को रोशनी की किरण देते रहे|

ज़िंदगी नाम कर दूँ अपनी, वो भी कम है मेरे लिये,

बस साथ मेरे हरदम साया बनकर यूँही रहें|

अगर जन्म फिर से दें प्रभु मुझे इस धरा पर,

उनकी ही गोद का पालना हर जन्म मुझे मिलता रहे|
Happy father’s day papa ji ❤️❤️❤️😊😊💐💐

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